‘Operation Sindoor’ से जुड़ी जानकारी लीक करने वाला Nevy कर्मचारी Pakistan के लिए जासूसी करते हुए गिरफ्तार

Bhiju Nath

राजस्थान पुलिस की इंटेलिजेंस विंग ने एक बड़े जासूसी रैकेट का पर्दाफाश करते हुए भारतीय नौसेना मुख्यालय में तैनात एक कर्मचारी को गुप्त जानकारी पाकिस्तान को लीक करने के आरोप में गिरफ्तार किया है।
आरोपी की पहचान विशाल यादव, हरियाणा के रेवाड़ी जिले के पुनसिका गांव के निवासी और नौसेना मुख्यालय दिल्ली में अपर डिवीजन क्लर्क (UDC) के रूप में हुई है।

सोशल मीडिया पर महिला एजेंट से संपर्क, पैसे के बदले गुप्त जानकारी

पुलिस जांच के अनुसार, विशाल यादव पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी की एक महिला हैंडलर के लगातार संपर्क में था।

  • वह सोशल मीडिया के जरिए इस महिला से जुड़ा था।

  • धन और अन्य प्रलोभनों के बदले वह नौसेना की गोपनीय जानकारी लीक कर रहा था।

  • इस जानकारी में हालिया “ऑपरेशन सिंदूर” से संबंधित रणनीतिक जानकारियां भी शामिल थीं।

क्रिप्टो और बैंक ट्रांसफर से होता था भुगतान

पुलिस का कहना है कि आरोपी को:

  • क्रिप्टोकरेंसी के जरिए पैसे ट्रांसफर किए गए,

  • साथ ही बैंक खातों के माध्यम से भी फंडिंग की गई।

मोबाइल फोन की फॉरेंसिक जांच में कई पूर्व जासूसी गतिविधियों और रक्षा दस्तावेज लीक से जुड़ी सामग्री भी मिली है।

ऑफिशियल सीक्रेट्स एक्ट के तहत गिरफ्तारी

विशाल यादव को “ऑफिशियल सीक्रेट्स एक्ट 1923” के तहत गिरफ्तार किया गया है।
CID इंटेलिजेंस राजस्थान पिछले कुछ समय से इस संदिग्ध गतिविधि पर नजर रखे हुए थी, और लंबे समय की निगरानी के बाद कार्रवाई की गई।

क्या है ऑपरेशन सिंदूर?

ऑपरेशन सिंदूर, अप्रैल 2025 में भारत द्वारा पहुलगाम आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान और पाक-अधिकृत कश्मीर में स्थित आतंकी ठिकानों पर की गई सैन्य कार्रवाई थी।
इस ऑपरेशन को लेकर भारत की रणनीतिक सूचनाएं लीक होना, एक गंभीर राष्ट्रीय सुरक्षा उल्लंघन माना जा रहा है।

यह घटना एक बार फिर यह साबित करती है कि सोशल मीडिया और साइबर स्पेस के जरिए जासूसी के खतरे लगातार बढ़ते जा रहे हैं। भारत सरकार और सुरक्षा एजेंसियां अब इस केस को राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी हाई-प्रायोरिटी जांच के तौर पर देख रही हैं।