Air India crash जांच में बड़ी सफलता: Black box से डाटा सफलतापूर्वक निकाला गया

Bhiju Nath

12 जून को हुए एयर इंडिया की फ्लाइट AI 171 हादसे की जांच में एक बड़ी सफलता मिली है।
सरकार ने पुष्टि की है कि क्रैश में बरामद दोनों ब्लैक बॉक्स (FDR और CVR) से डाटा सफलतापूर्वक निकाला गया है और अब उसका विश्लेषण किया जा रहा है।

इस दुर्घटना में 241 यात्री और क्रू मेंबरों की मौत हुई थी, जबकि 34 लोग जमीन पर भी मारे गए थे, जब विमान टेकऑफ़ के 36 सेकंड बाद एक हॉस्टल की छत पर गिर पड़ा।

क्या हैं FDR और CVR?

  • FDR (Flight Data Recorder): विमान की गति, ऊंचाई, इंजन की स्थिति, और अन्य तकनीकी मापदंड रिकॉर्ड करता है।

  • CVR (Cockpit Voice Recorder): पायलट और सह-पायलट की बातचीत, अलार्म और कॉकपिट के आस-पास की आवाजें रिकॉर्ड करता है।

कहां मिले थे ब्लैक बॉक्स?

  • एक ब्लैक बॉक्स हॉस्टल की छत से मिला,

  • दूसरा मलबे के ढेर से बरामद किया गया।
    दोनों को सुरक्षित रूप से दिल्ली स्थित Aircraft Accident Investigation Bureau (AAIB) की लैब में लाया गया, जहां से डेटा मंगलवार शाम को निकालना शुरू हुआ और बुधवार तक पूरा हो गया।

अब क्या होगा?

सरकार ने बताया:

“CVR और FDR डाटा का विश्लेषण जारी है। इनकी मदद से दुर्घटना के सेकंड-दर-सेकंड घटनाक्रम को फिर से जोड़ा जाएगा और कारणों की पहचान की जाएगी।”

अब किस पर फोकस है?

जांचकर्ता अब कुछ अहम सवालों के जवाब तलाश रहे हैं:

  1. क्या पायलट ने ‘नो पावर, नो थ्रस्ट’ कहा था?

    • रिपोर्ट के मुताबिक, कैप्टन सबरवाल ने ‘मेडे, मेडे…’ कहते हुए संकट संदेश भेजा था, जिसमें बिजली और इंजन thrust की कमी की बात हो सकती है।

  2. संदेश कितने समय पर भेजा गया?

    • विमान ने 1:39 PM पर टेकऑफ किया था और 36 सेकंड बाद क्रैश हुआ।

    • CVR की मदद से उस सटीक क्षण की जानकारी मिलेगी, जब संकट संदेश भेजा गया।

दुर्घटना का संभावित कारण क्या?

हालांकि जांच पूरी नहीं हुई है, लेकिन शुरुआती संकेतों से यह संभावना जताई जा रही है कि:

  • दोनों इंजनों में एक साथ खराबी, या

  • हाइड्रोलिक या इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम की पूरी विफलता के कारण विमान क्रैश हुआ।

RAT (Ram Air Turbine) के एक्टिवेशन के वीडियो भी इस सिद्धांत को बल देते हैं।

संसद समिति भी होगी सक्रिय

  • विमानन सुरक्षा और रखरखाव को लेकर अगले सप्ताह संसदीय समिति की बैठक होगी।

  • इसमें सरकारी अधिकारी, एयरलाइनों के प्रतिनिधि और Boeing के अधिकारी शामिल होंगे।

  • हेलिकॉप्टर दुर्घटनाओं और सुरक्षा मानकों पर भी चर्चा होगी।