Jagannath Yatra हादसा: Puri में भगदड़, 3 की मौत, 50 घायल; दो police अधिकारी सस्पेंड

Bhiju Nath

भगदड़ के बाद सरकार ने लिया बड़ा फैसला

ओडिशा के पुरी में रविवार सुबह जगन्नाथ रथ यात्रा के दौरान गुंडिचा मंदिर के पास मची भगदड़ में 3 लोगों की मौत और 50 से ज्यादा लोग घायल हो गए। घटना के बाद मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने सख्त कार्रवाई करते हुए पुरी DCP विष्णु चरण पाटी और पुलिस कमांडेंट अजय पाढ़ी को सस्पेंड कर दिया है। साथ ही जिलाधिकारी सिद्धार्थ शंकर स्वैन और SP विनीत अग्रवाल का भी तबादला कर दिया गया है।

मुख्यमंत्री ने मांगी माफी

मुख्यमंत्री ने X (पूर्व ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए लिखा, “श्री जगन्नाथ के दर्शनों की तीव्र लालसा के कारण जो भगदड़ मची, वह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। मेरी सरकार और मैं स्वयं सभी श्रद्धालुओं से क्षमा याचना करते हैं। इस दुखद घटना में जान गंवाने वाले भक्तों के परिजनों के प्रति हम गहरी संवेदना प्रकट करते हैं और महाप्रभु से उन्हें यह दुख सहने की शक्ति देने की प्रार्थना करते हैं।”

क्या हुआ था घटना के वक्त?

रविवार सुबह करीब 4 बजे बड़ी संख्या में श्रद्धालु गुंडिचा मंदिर के पास जमा थे, जहां भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा की मूर्तियों को रथ पर चढ़ाया जा रहा था। इस दौरान दो ट्रक, जो पूजा सामग्री लेकर जा रहे थे, भीड़ वाले क्षेत्र में घुस आए, जिससे अफरा-तफरी मच गई और भगदड़ की स्थिति बन गई।

DGP ने शुरू की जांच

ओडिशा के पुलिस महानिदेशक YB खुरानिया ने कहा कि घटना की जांच शुरू कर दी गई है। मुख्यमंत्री ने खुद आपातकालीन बैठक बुलाई और घटना की पूरी जिम्मेदारी ली। उन्होंने कहा, “हम यह सुनिश्चित करेंगे कि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों। श्रद्धालुओं की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।”

भीड़ पहले से ज्यादा

PTI के अनुसार, इस वर्ष यात्रा में पिछले वर्षों की तुलना में ज्यादा श्रद्धालु पहुंचे थे, जिससे व्यवस्था पर अतिरिक्त दबाव पड़ा। रथ यात्रा के दौरान तीनों देवताओं को जगन्नाथ मंदिर से गुंडिचा मंदिर तक ले जाया जाता है, जहां वे एक सप्ताह तक ठहरते हैं।