अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा BRICS सदस्य देशों पर अतिरिक्त 10% टैरिफ लगाने की धमकी के बाद चीन ने साफ शब्दों में कहा है कि BRICS समूह का मकसद टकराव नहीं, सहयोग है। बीजिंग ने सोमवार को कहा कि टैरिफ लगाकर किसी राजनीतिक उद्देश्य की पूर्ति करना गलत है और व्यापार युद्ध में किसी की जीत नहीं होती। चीनी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता माओ निंग ने एक प्रेस वार्ता में कहा कि संरक्षणवाद से न तो भविष्य बनता है और न ही वैश्विक व्यापार को स्थिरता मिलती है। ट्रंप के इस धमकी भरे रुख पर चीन ने कड़ी आपत्ति जताई है और कहा है कि टैरिफ का इस्तेमाल राजनीतिक दबाव बनाने के लिए नहीं होना चाहिए।
BRICS ने अमेरिका-इजरायल पर साधा निशाना
ब्राज़ील में हाल ही में हुए BRICS 2025 सम्मेलन में 10 सदस्यीय समूह ने अमेरिका और इज़रायल द्वारा ईरान के सैन्य और परमाणु ठिकानों पर किए गए हवाई हमलों को “अवैध” बताया। इस संयुक्त बयान में कहा गया कि ऐसे हमले अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन करते हैं और वैश्विक स्थिरता को खतरे में डालते हैं। बयान में यह भी कहा गया कि टैरिफ बढ़ाने की मनमानी प्रवृत्ति वैश्विक व्यापार और सप्लाई चेन को नुकसान पहुंचा सकती है। हालांकि अमेरिका का नाम सीधे तौर पर नहीं लिया गया, लेकिन बयान के स्वर में स्पष्ट रूप से ट्रंप की हालिया नीतियों पर कटाक्ष था।
टैरिफ से धमकी नहीं चलेगी: चीन
टैरिफ को एक हथियार की तरह इस्तेमाल करने पर चीन ने तीखी प्रतिक्रिया दी। माओ निंग ने कहा कि “टैरिफ किसी के भी हित में नहीं है” और उन्होंने दोहराया कि आर्थिक फैसले वैश्विक स्थिरता को ध्यान में रखकर होने चाहिए। चीन का यह बयान ऐसे समय आया है जब ट्रंप ने सार्वजनिक रूप से उन देशों को धमकाया है जो BRICS के “अमेरिका-विरोधी” रुख के समर्थन में हैं। यह पहली बार नहीं है जब अमेरिका की विदेश नीति के खिलाफ चीन ने खुलकर प्रतिक्रिया दी हो, लेकिन इस बार स्वर अधिक तीव्र है।
ग्लोबल साउथ की आवाज बनी BRICS
इस शिखर सम्मेलन में BRICS ने केवल ईरान पर हमला ही नहीं, बल्कि गाजा युद्ध पर भी चिंता जताई। समूह ने किसी भी एकतरफा सैन्य कार्रवाई की आलोचना की और वैश्विक शांति के लिए शांतिपूर्ण समाधान की वकालत की। BRICS ने जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले की भी निंदा की और सीमापार आतंकवाद और फंडिंग नेटवर्क्स के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। यह स्पष्ट संकेत था कि BRICS अब केवल आर्थिक सहयोग तक सीमित नहीं रहकर वैश्विक सुरक्षा मामलों में भी अपनी आवाज़ बुलंद कर रहा है।
ट्रंप की चेतावनी: सोमवार को भेजे जाएंगे टैरिफ लेटर
ट्रंप ने यह भी एलान किया है कि उन्होंने 12 देशों के लिए टैरिफ लेटर साइन कर दिए हैं जो सोमवार, 8 जुलाई को दोपहर 12 बजे (EST) भेजे जाएंगे। यह घोषणा उस समय हो रही है जब अमेरिका की टैरिफ नीति पर लगा 90 दिनों का अस्थायी विराम समाप्त होने वाला है। इससे पहले अप्रैल में ट्रंप ने सभी व्यापारिक साझेदारों के लिए टैरिफ में भारी बढ़ोतरी का एलान किया था, जिसके चलते वैश्विक कूटनीतिक रिश्तों में तनाव और व्यापार वार्ताएं ठप हो गई थीं। हालांकि ट्रंप ने एक अस्थायी राहत दी थी, जो अब समाप्त होने वाली है और इसके बाद वैश्विक व्यापार पर एक और झटका लग सकता है।
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