Delhi में भारी बारिश के बावजूद नहीं हुआ जलभराव: CM Rekha Gupta का दावा

Bhiju Nath

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने गुरुवार को दावा किया कि राजधानी में भारी बारिश के बावजूद जलभराव जैसी कोई गंभीर स्थिति नहीं बनी। उन्होंने कहा कि इस बार दिल्ली ने एक नई दिशा में कदम बढ़ाया है। सीएम गुप्ता ने कहा कि बारापुला, कुशक नाला और मिंटो ब्रिज जैसे पुराने जलभराव वाले स्थानों पर कई बार निरीक्षण किया गया और इस बार कहीं भी पानी जमा नहीं हुआ। उन्होंने इसे पिछली सरकारों की विफलता से तुलना करते हुए कहा कि यह बार बार होने वाली समस्या थी, लेकिन अब हालात बदल चुके हैं।

जलभराव से पूरी तरह नहीं मिली मुक्ति

हालांकि मुख्यमंत्री ने यह भी स्वीकार किया कि कुछ इलाकों में अब भी समस्याएं बनी हुई हैं जिनके लिए दीर्घकालिक समाधान की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि सरकार अगले एक साल में बारिश के दौरान इन क्षेत्रों में भी हालात बेहतर करने के लिए काम कर रही है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता यह बयान दक्षिण दिल्ली के अधचिनी गांव में डीडीए के ‘आरंभ पुस्तकालय’ के उद्घाटन के मौके पर दे रही थीं।

आईएमडी का रेड अलर्ट, एयरलाइनों ने जारी की एडवाइजरी

भारत मौसम विभाग (IMD) ने दिल्ली में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी देते हुए ‘रेड अलर्ट’ जारी किया है। मौसम विभाग की इस चेतावनी के बीच दिल्ली-एनसीआर में सुबह से ही तेज़ बारिश जारी रही, जिससे कई जगहों पर सड़कें भीगी हुई दिखाई दीं। इस स्थिति को देखते हुए इंडिगो, स्पाइसजेट और एयर इंडिया जैसी एयरलाइनों ने अपने यात्रियों को समय से पहले एयरपोर्ट निकलने की सलाह दी है। एयर इंडिया ने कहा, “बारिश और गरज के साथ हो रही आंधी के कारण दिल्ली में उड़ानों पर असर पड़ रहा है। कृपया यात्रा से पहले अपने फ्लाइट की स्थिति जांच लें और अतिरिक्त समय लेकर चलें।”

गुरुग्राम में जलभराव और लंबा जाम

हालांकि दिल्ली के कुछ हिस्सों में जलभराव न के बराबर रहा, लेकिन पड़ोसी शहर गुरुग्राम में भारी बारिश के बाद कई स्थानों पर पानी भर गया, जिससे लंबा ट्रैफिक जाम लग गया। देर रात हुई बारिश ने कई कॉलोनियों और मुख्य सड़कों को प्रभावित किया, जिससे दफ्तर जाने वालों को खासी परेशानी हुई।

सरकार की तैयारियों पर उठ रहे सवाल और उम्मीदें

जहां एक तरफ मुख्यमंत्री का दावा राजधानी में जलभराव की पुरानी समस्या से निजात की ओर इशारा करता है, वहीं दूसरी तरफ NCR के बाकी हिस्सों में आई जलभराव की खबरें यह संकेत भी देती हैं कि अभी काम अधूरा है। हालांकि यह बात साफ है कि दिल्ली सरकार की कोशिशों ने इस बार कई बड़े इलाकों को जलभराव से बचा लिया है। लोगों को अब उम्मीद है कि आने वाले वर्षों में बाकी प्रभावित इलाकों में भी यह सुधार देखने को मिलेगा।