90 की उम्र में दलाई लामा का बड़ा ऐलान, चीन को दी खुली चुनौती!

Dhritishmita Ray

Dalai Lama 90th Birthday: तिब्बती बौद्ध धर्म के सर्वोच्च धर्मगुरु दलाई लामा ने 90वें जन्मदिन पर बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि उनकी मृत्यु के बाद भी वह धर्म के नेता के रूप में पुनर्जन्म लेंगे, और उनके उत्तराधिकारी को मान्यता देने का अधिकार केवल उनके गादेन फोडरंग ट्रस्ट के पास रहेगा। यह बयान चीन के हस्तक्षेप को साफ तौर पर खारिज करता है।

शांतिपूर्ण नेता, जिनसे डरता है चीन

दलाई लामा, जिन्हें नोबेल शांति पुरस्कार से सम्मानित किया गया है, तिब्बत की धार्मिक आज़ादी और पहचान के लिए शांतिपूर्ण संघर्ष कर रहे हैं। 1959 में तिब्बत से निर्वासन के बाद से वे भारत के धर्मशाला में रह रहे हैं। चीन उन्हें राजनीतिक चुनौती मानता है, जबकि दुनिया उन्हें शांति और करुणा का प्रतीक मानती है।

जन्मदिन समारोह में उमड़े अनुयायी

धर्मशाला में उनके 90वें जन्मदिन पर देश-विदेश से हजारों अनुयायी, बॉलीवुड और हॉलीवुड सितारे और अमेरिकी अधिकारी शामिल हुए। हॉलीवुड एक्टर रिचर्ड गेरे भी इस अवसर पर मौजूद रहे।

चीन-अमेरिका में फिर तकरार

चीन ने दोहराया कि दलाई लामा के उत्तराधिकारी को उसकी मंजूरी जरूरी होगी, लेकिन अमेरिका ने बीजिंग को तिब्बती धार्मिक मामलों में हस्तक्षेप न करने की चेतावनी दी। अमेरिका ने दलाई लामा के पुनर्जन्म पर किसी भी दबाव को खारिज किया है।

90 साल की उम्र में भी जारी है संघर्ष

दलाई लामा ने जन्मदिन पर कहा:

धर्म, शांति और आज़ादी की लड़ाई जारी रहेगी।

उनका यह पुनर्जन्म वाला ऐलान उनके अनुयायियों के लिए उम्मीद की किरण है और चीन के लिए खुली चुनौती भी।